पहर बीत गई रुठे हुय - Abhinav Ashesh

पहर बीत गई रुठे हुये,
पर ये उनको दिखायें कैसे
कश्मकश में बैठे हैं युं,
गुस्से में औनलाइन आयें कैसे
निगाहें तो युं भी ना मिलेंगी
मगर लास्ट सीन को उनकी नज़रों से छिपाएं कैसे
दबे से हैं जो लफ्ज होठों पे
उन्हें स्टेटस में सजायें कैसे
अभी तो रुठे हैं,
अभी औनलाइन आयें कैसे

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