उड़ना ज़रा सम्भल कर





परिन्दो ज़रा 'पर' बचा कर उड़ो

वक्त चुनाव का ही नहीं  

उड़नखटोलो का भी है

आस्मां पे हक सिर्फ़ तुम्हारा नही

इन नेताओ का भी है

तुम्हे तो पर बचपन मे आये होंगे

इनमें कुछ के आने अभी बाकी हैं

तु तो उड़ती फ़िरती है दाने के तलाश में

या चुनती तिनके आशियाने के आस में

इनके पास दोनों हैं, मगर,

और नोट बनाना अभी बाकि है

ज़रा सम्भल कर उड़ना परिन्दो

    और नेताओ का आना अभी बाकी है।     

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